पराक्रमी होना ही मानव जीवन ही सार्थकता है।
लेखक : अरुण आनंद, वाराणसी एक बहस जो अक्सर सुनने को मिलती है वो ये की ‘एक बहुत पढ़ा लिखा
Read Moreलेखक : अरुण आनंद, वाराणसी एक बहस जो अक्सर सुनने को मिलती है वो ये की ‘एक बहुत पढ़ा लिखा
Read Moreरचयिता: कविदीप दिलीप, गाजीपुर, उत्तर प्रदेश क्या थे आजाद गांधी सुभाष,क्या रामप्रसाद क्या राजगुरु।अशफाक भगत क्या लाजपत,कौन कहां कब क्यों
Read Moreलेखक: अरविन्द कुमार, समकालीन अंग्रेजी लेख़क कला में कदम रख सपनों को कैनवास पर उतारने का यदि शौक रखते हैं
Read Moreग़ज़लकार: हमीद कानपुरी (अब्दुल हमीद इदरीसी), कानपुर, उत्तर प्रदेश घूम कर ख़ूब दर बदर देखा।पर नबी सा नहीं बशर देखा। उसका
Read Moreलेख: हरी राम यादव गुरु शब्द अपने आप में एक विशालता समेटे हुए है। गुरु शब्द का उच्चारण होते ही
Read Moreकवि : ओमप्रकाश वाल्मीकि, मुजफ्फरनगर, उत्तर प्रदेश चूल्हा मिट्टी कामिट्टी तालाब कीतालाब ठाकुर का। भूख रोटी कीरोटी बाजरे कीबाजरा खेत
Read Moreकवि : अदम गोंडवी, गोंडा, उत्तर प्रदेश जो डलहौज़ी न कर पाया वो ये हुक्काम कर देंगेकमीशन दो तो हिंदुस्तान
Read Moreलेख़क: प्रिंशु लोकेश, रीवा, मध्य प्रदेश निदा फ़ाज़ली साहब हिंदी उर्दू के दो आब कहे जाने वाले शायरों में से
Read Moreकवयित्री : सुभद्राकुमारी चौहान, प्रयागराज (इलाहाबाद), उत्तर प्रदेश सिंहासन हिल उठे, राजवंशों ने भृकुटी तानी थी,बूढ़े भारत में भी आई
Read Moreलेखक: विजय गर्ग, मलोट जैसे-जैसे डिजिटल परिवर्तन में तेजी आ रही है, व्यवसायों को सीखने के लिए कौशल-आधारित दृष्टिकोण अपनाना
Read More